अश्लील फिल्में बनाने के केस में फंसे राज कुंद्रा (Raj Kundra) के वकील ने कोर्ट में तर्क दिया है कि कंटेंट वल्गर था, लेकिन उसे पॉर्न की कैटेगरी में नहीं डाल सकते. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि इस रिमांड में कुछ भी ऐसा नहीं दिखा है कि दोनों शख्स राज और रयान पॉर्नोग्राफिक कंटेंट बना रहे थे.
वकील ने अश्लील सामग्री के संबंध में अन्य धाराओं के साथ इलेक्ट्रॉनिक रूप में अश्लील सामग्री भेजने पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 ए के आवेदन पर भी आपत्ति जताई, क्योंकि ये कानून 'वास्तविक संभोग' को अश्लील मानते हैं और बाकी सब कुछ वल्गर कंटेंट के रूप में कहा जाता है.
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राज कुंद्रा की गिरफ्तारी पर वकील ने आगे कहा कि गिरफ्तारी तब होनी थी जब उसके बिना जांच आगे नहीं हो सकती थी, लेकिन इस केस में गिरफ्तारी के बाद उनसे इन्वेस्टिगेशन की गई. राज के वकील ने ये भी कहा कि उनकी गिरफ्तारी कानून के हिसाब से नहीं हुई है.
राज कुंद्रा ने मामले में अग्रिम जमानत मांगी है. दूसरी तरफ पुलिस ने ये भी साफ किया है कि उन्हें इसमें शिल्पा शेट्टी की कोई संलिप्तता नहीं मिली है.
वहीं राज कुंद्रा पोर्नोग्राफी केस (Raj Kundra Pornography Case) में एक फरार आरोपी यश ठाकुर के दावे ने अब पुलिस महकमे पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
पॉर्न फिल्म मामले में फरार आरोपी यश ठाकुर ने e-mail के जरिए दावा किया है कि पुलिस पहले ही राज कुंद्रा को गिरफ्तार कर सकती थी, लेकिन इससे बचने के लिए उन्होंने क्राइम ब्रांच के अधिकारी को 25 लाख रुपये बतौर रिश्वत दिए हैं. यश ठाकुर का दावा है कि उनसे भी पुलिस ने रिश्वत मांगी थी.
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