भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर गहरी चिंता जताई है. इसके साथ ही उन्होंने आर्थिक सुस्ती के लिए जीएसटी और नोटबंदी जैसे फैसलों को दोषी करार दिया है. सरकार ने बिना किसी की सलाह के नोटबंदी को लागू कर दिया. मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था को एक आदमी अपनी मर्जी से नहीं चला सकता है. उन्होंने कहा कि देश के राजकोषीय घाटे में बहुत कुछ छिपा है. इससे भारतीय अर्थव्यवस्था चिंताजनक स्थिति में फंसती जा रही है. राजन कई बार इस बारे में कह चुके हैं, कि अगर एक ही व्यक्ति अर्थव्यवस्था के बारे में निर्णय लेगा तो फिर यह घातक सिद्ध होगा.