कोरोना के इस संकट में आम आदमी को बड़ा झटका लग सकता है. केंद्र सरकार एक बार फिर बचत योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज पर कटौती कर सकती है. अनुमान जताया गया है कि PPF पर मिलने वाला ब्याज 7 फीसदी से भी नीचे जा सकता है, जो 46 साल में सबसे कम होगा. इससे पहले 1974 में PPF पर मिलने वाली ब्याज दर 7 फीसदी से कम हुई थी. निवेश विशेषज्ञों के मुताबिक, सरकारी बॉन्ड का यील्ड लगातार घटता जा रहा है. छोटी बचत स्कीमों की ब्याज दर सरकारी बॉन्ड के यील्ड से जुड़ी होती है. वहीं, 1 अप्रैल से 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड औसतन 6.07 फीसदी रही है. फिलहाल ये घटकर 5.85 फीसदी पर पहुंच गई है. इसलिए छोटी बचत योजनाओं पर जुलाई-सितंबर 2020 तिमाही के दौरान ब्याज दरों को कम किया जा सकता है.