गिलोय...एक ऐसी औषधि जिसका इस्तेमाल आयुर्वेद में सालों से होता आ रहा है. कई बीमारियों का रामबाण कहे जाने वाले गिलॉय को हिंदी में गुडुची भी कहते हैं. इसे खासकर इम्यूनिटी को बढ़ाने के गुण के लिए जाना जाता है. एंटी ऑक्सीडेंट्स से भरपूर गिलॉय शरीर को कई तरह के संक्रमण से लड़ने और खून को साफ करने में मदद करता है.
कुछ स्टडी के मुताबिक, गिलॉय का एंटी-पायरेटिक गुण बार-बार होने वाले बुखार के इलाज में असरदार है. यहां तक कि आयुर्वेद चिकित्सक भी डेंगू, मलेरिया और स्वाइन फ्लू के इलाज में इसे प्रभावी मानते हैं.
डायबिटीज में गिलोय ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने के लिए फायदेमंद माना जाता है. गिलोय का सेवन करने से डायबिटीज के रोगियों को काफी हद तक मदद मिलती है.
लेकिन अगर आप किसी भी तरह कि ऑटो इम्यून डिजीज़ से जूझ रहे हैं तो गिलॉय का सेवन मत कीजिए, क्योंकि इससे प्रतिरोधक क्षमता और भी अधिक सक्रीय हो सकती है.
इसे लेने का सबसे अच्छा तरीका ये है कि आप इसे जूस के तौर पर लें... इसकी जगह आप गिलॉय के पाउडर को आमला या फिर दूध जैसी चीजों के साथ मिलाकर भी ले सकते हैं।