बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में गुरुवार को शिवभक्तों ने मणिकर्णिका श्मशान घाट पर चिता की भस्म से होली खेली. इस दौरान महाश्मशान पर बाबा मशाननाथ की आरती उतारी गयी और लोगों ने हर हर महादेव के जयकारे लगाए. जिसके बाद शिवभक्तों ने जलती चिताओं के बीच जमकर होली खेली. खास बात ये है कि ये होली किसी रंग अबीर या गुलाल से नहीं बल्कि चिता की राख से खेली गयी. मणिकर्णिका घाट के अलावा इस बार हरिश्चंद्र घाट पर भी इस होली का आयोजन किया गया. दरअसल, हर साल रंग भरी एकादशी के दूसरे दिन, यानी होली से तीन दिन पहले वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर जलती लाशों, उड़ते धुएं और जीवन-मृत्यु के सवालों के बीच राख से होली खेली जाती है