Pegasus मामले में अब नए खुलासों ने दिल्ली के सत्ता के गलियारों में भूचाल ला दिया है. द वायर कि रिपोर्ट के मुताबिक फोन हैक करने वाली कंपनी की प्रमाणित 300 नंबरों की लिस्ट में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi ) के भी मोबाइल नंबर शामिल थे. इसके साथ ही गांधी के पांच करीबियों को भी सर्विलांस का निशाना बनाने की तैयारी थी जबकि इन पांचों में से कोई भी राजनीतिक या सार्वजनिक कामों की भूमिका में नहीं था. हालांकि राहुल गांधी के फोन की फोरेंसिक जांच नहीं हो पाई है कि उनके फोन में पेगासस (Pegasus) डाला गया था कि नहीं, लेकिन गांधी ने द वायर को बताया कि उन्हें संदिग्ध व्हाट्स अप मैसेज्स मिले थे जिसके बाद उन्होंने अपने नंबर और फोन बदल लिए.
रिपोर्ट के मुताबिक साल 2018-2019 के बीच उनका नंबर सर्विलांस लिस्ट में शामिल किया गया था. राहुल गांधी के साथ ही चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर और मोदी सरकार के दो मंत्रियों के मोबाइल नंबर शामिल होने की भी बात सामने आ रही है इनमें एक नाम केंद्रीय मंत्री अनिल वैष्णव का भी है, तो दूसरा नाम प्रह्लाद पटेल का है. रिपोर्ट्स का कहना है कि टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी, पूर्व चुनाव आयुक्त अशोक लवासा का भी मोबाइल नंबर सर्विलांस की लिस्ट में है. द वायर की रिपोर्ट के मुताबिक लीक डेटा में 300 भारतीय मोबाइल नंबर शामिल हैं, जिनमें से 40 मोबाइल नंबर भारतीय पत्रकारों के हैं. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इन नंबरों को 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले यानि साल 2018 और 2019 के दर्मियान सर्विलांस का टारगेट बनाया गया.
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