रविवार को पैरालंपिक (Paralympic) में भारतीय एथलीट विनोद कुमार (Vinod Kumar) की जीत की खुशी कुछ देर बाद तब गम में बदल गई जब आयोजकों ने विनोद का रिजल्ट होल्ड पर रख दिया. माना जा रहा है कि डिसऑर्डर (disorder) के क्लासिफिकेशन (classification) पर विरोध के चलते ये फैसला लिया. हालांकि, ये साफ नहीं हो पाया है कि किस आधार पर विनोद के क्लासिफिकेशन को चुनौती दी गई है और किसने दी है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आयोजकों ने 22 अगस्त को ही विनोद का क्लासिफिकेशन किया था.
दरअसल, डिस्कस थ्रो की F-52 कैटेगरी में वे एथलीट भाग लेते हैं, जिनके मसल्स कमजोर होते हैं, उनके न के बराबर मूवमेंट होते हैं, हाथों में विकार होता है या फिर पैर की लंबाई में अंतर होता है, जिस वजह से खिलाड़ी बैठकर हिस्सा लेते हैं.
बता दें कि, BSF के 41 साल के जवान ने 19.91 मीटर दूर चक्का फेंक कर तीसरा स्थान हासिल किया था. फिलहाल, पदक समारोह भी 30 अगस्त की शाम तक स्थगित कर दिया गया है.