रायसीना डायलॉग में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने कट्टरपंथ से निपटने के लिए De-Radicalisation कैंप बनाने की बात कही थी. जनरल रावत के इस बयान की विपक्ष के नेताओं ने आलोचना की है. सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि मिलिट्री कमांडर को ऐसे बयान देने की जरूरत नहीं है. वहीं AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने पूछा कि मेरठ के एसपी को कौन De-Radicalise करेगा? जो लोगों को पाकिस्तान जाने के लिए कहता है या जनता से 'बदला' लेने वाले योगी आदित्यनाथ को? ओवैसी ने ये भी कहा कि जनरल रावत सिविलियन सुप्रीमेसी को कम कर रहे हैं.