IMF की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ (Geeta Gopinath) ने कहा कि विकसित देशों में जहां मौद्रिक सहायता जारी है. वहीं भारत जैसे विकासशील देशों में इसपर यूटर्न लिया जा रहा है. गोपीनाथ ने केंद्रीय बैंक की भूमिका पर कहा कि बैंक ये सुनिश्चित करें कि लोन की शर्तें समय से पहले कड़ी न की जाएं. उन्होंने RBI के उदार मौद्रिक रुख और विभिन्न सेक्टर्स में पर्याप्त लिक्विडिटी पहुंचाने के कदम को सही ठहराया है.
वहीं, पिछले दिनों IMF की ओर से जारी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक में भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को घटाने पर गोपीनाथ ने बताया कि कोरोना वायरस के मामलों में आए उछाल इसकी मुख्य वजह रहे हैं.
इसके अलावा, गोपीनाथ ने टीकाकरण (Vaccination) पर जोर देने की बात करते हुए कहा कि विकसित देशों के मुकाबले उभरती अर्थव्यवस्थाओं में ये नाममात्र है.