बेतहाशा बढ़ते वजन के कारण हिप बोन फ्रैक्चर के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है. आमतौर पर ये फ्रैक्चर कम उम्र की महिलाओं में अधिक देखने को मिल रहे हैं. करीब 25 साल चली एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि सामान्य वजन के लोगों की तुलना में उन लोगों में कमर के निचले हिस्से की हड्डी में दिक्कत होने की समस्या अधिक होती है, जिनके शरीर पर आवश्यकता से कहीं अधिक फैट जमा होता है. भारतीय महिलाओं की शारीरिक बनावट इस तरह की होती है कि उनके शरीर के निचले हिस्से पर फैट ज्यादा और बहुत जल्दी जमा होता है. इस कारण उनके शरीर का निचला हिस्सा अपेक्षाकृत भारी हो जाता है जिसका हिप बोन्स पर सीधा असर पड़ता है.