सिर्फ बेहतर हाज़मा ही नहीं, पान के और भी फायदे हैं जनाब

Updated : Sep 23, 2020 15:16
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Editorji News Desk

पान हमारे देश की लोक संस्कृति का हिस्सा है. पान चबाना शाही शौक का प्रतीक माना जाता रहा है, तो वहीं कुछ लोग स्वागत सत्कार के लिए इसे जरूरी मानते हैं. लेकिन क्या आपने सोचा है कि मुंह को लाल रंग देने वाले पान को लोग अक्सर खाना खाने के बाद ही क्यों खाते हैं.

आयुर्वेद की भाषा में अगर बात करें तो पान शरीर के पाचन तंत्र और पेट की समस्या को दूर रखता है. पान में मौजूद गुणकारी तत्व पेट में बनने वाले गैस को कम कर मेटाबोलिज्म को बढ़ाते हैं. 

एक्सपर्टस के मुताबिक, पान के पत्ते से तैयार लेप दर्द को दूर करने में बेहद कारगर होता है. घाव या किसी कटी जगह पर इसका लेप चमत्कार की तरह काम करता है. इसके अलावा, किसी तरह की अंदरुनी चोट या दर्द होने पर पान के पत्तों का रस पीने से आपको राहत मिलती है. एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर पान के पत्ते, कब्ज और खराब पेट में भी बहुत फायदेमंद हैं. पत्तों को मसलकर रात भर पानी में भिगोएं, अगले दिन खाली पेट पानी को पीने से पेट को बहुत आराम मिलता है.

पान के पत्ते खांसी, ज़ुकाम, कफ, अस्थमा जैसे सांस संबंधी परेशानी के लिए एंटीडोट की तरह काम करता है। इसके लिए बस पत्ते पर सरसों का तेल लगाएं और इसे गर्म करके छाती पर रखें. इसके अलावा, पत्ते को इलाइची, दालचीनी और लौंग के साथ पानी में उबाल कर भी पीया जा सकता है.  
पॉलीफिनॉल गुण से भरपूर पान के पत्तों में एंटी फंगल और एंटीसेप्टिक तत्व फोड़े फुंसियों से बचाता है. फंगस को खत्म करने के लिए इसका लेप फायदेमंद है. 

अब तो आपको पता चल ही गया होगा कि पान के पत्ते का भारतीय संस्कृति में इतना महत्व स्थान क्यों है तो आप भी बेफिक्र हो कर लीजिए पान का स्वाद.

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