जल्द ही देश में नया लेबर कोड लागू हो जाएगा. केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार कल्याण मंत्रालय ने इसे अंतिम रूप दे दिया है. इनको राष्ट्रपति से मंजूरी भी मिल चुकी है. नए नियमों को अब केवल अधिसूचित किया जाना है. जिसके मुताबिक अप्रैल 2021 से कुल सैलरी में बेसिक सैलरी का हिस्सा 50 फीसदी या फिर उससे भी अधिक रखना होगा. इससे पीएफ कंट्रीब्यूशन भी बढ़ जाएगा. ऐसे में जानते हैं कि नया वेज रूल आने के बाद सैलरी स्ट्रक्चर में कौन से बदलाव आएंगे.
वेज की नई परिभाषा क्या है?
29 केंद्रीय लेबर कानूनों को मिलाकर 4 नए कोड बनाए गए
बेसिक सैलरी CTC का 50% होगा, बाकी के भत्ते 50% के अंदर
नए कोड्स में बेसिक पे, DA, रीटेनिंग और स्पेशल भत्ते वेज में शामिल
HRA, कनवेंस, बोनस, ओवरटाइम अलावेंस और कमीशंस इससे बाहर
सैलरी और PF पर क्या होगा असर?
PF की गणना बेसिक सैलरी पर होती है
बेसिक सैलरी बढ़ने से अब PF में बढ़ोतरी होगी
नियोक्ता का भी PF में योगदान बढ़ेगा
इन हैंड सैलरी कम हो जाएगी, ग्रेच्युटी बढ़ जाएगी
कितना बढ़ेगा बोझ?
बेसिक सैलरी कुल सैलरी का 30% है तो वेज बिल 10% बढ़ेगा
जहां बेसिक सैलरी ग्रॉस का 40% है तो वेज बिल 4 % बढ़ेगा
कितना बढ़ेगा कंपनी का बिल?
फिक्स्ड टर्म पर खर्च बढ़ जाएगा, क्योंकि ग्रेच्युटी देना जरूरी होगा
लोअर सैलरी रेंज ग्रुप में कंपनी का खर्च 25 से 30 % बढ़ जाएगा
इसकी वजह से इस साल होने वाला इंक्रिमेंट भी प्रभावित होगा