एक नई रिसर्च में पता चला है कि मंगल ग्रह पर पानी 4.4 अरब साल से भी बहुत पहले से मौजूद है। गौरतलब है कि इससे पहले वैज्ञानिक मानते थे कि मंगल ग्रहपर करीब 3.7 बिलियन सालों से पानी मौजूद रहा है। जर्नल साइंस एडवासेंज में छपी नई स्टडी के मुताबिक, जापान के रिसर्चर्स की टीम ने सबसे पुराने मार्टियन उल्कापिंड का विश्लेषण किया जिससे कुछ रोमांचक नतीजे सामने आये हैं। इसके पीछे वैज्ञानिकों ने जो थ्यौरी दी उसके मुताबिक, उल्कापिंड की ऐसी खनिज संरचना मैग्मा से बनती हैं और आमतौर पर ऐसा ऑक्सीकरण की वजह से होता है। ऑक्सीकरण के लिए पानी की जरूरत होती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ऑक्सीकरण तभी हुआ होगा जब मंगल पर 4.4 अरब साल पहले पानी मौजूद रहा हो।