National Nutrition Week: ज़िन्दगी में कितनी ही सुविधायें और ऐशो आराम क्यों ना हो, लेकिन अगर आपकी हेल्थ सही नहीं है तो उन सब चीज़ों का कोई फायदा नहीं रह जाता है. आज की बिजी और भागदौड़ भरी ज़िन्दगी में हमारे शरीर को सही से फंक्शन करने के लिए ख़ास न्यूट्रिएंट्स की ज़रूरत होती है. जिनकी कमी कई बीमारियों का कारण बन सकती हैं और शरीर को नुक्सान पहुंचा सकती है. हर साल न्यूट्रिशन, न्यूट्रिशन की ज़रूरतों और कमी के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए 1 से 7 सितम्बर तक नेशनल न्यूट्रिशन वीक मनाया जाता है.
किसी भी न्यूट्रिशन की कमी होने पर हमारा शरीर संकेत देने लगता है जिनपर ध्यान देकर कई बड़ी बीमारियों के खतरे से बचा जा सकता है. हम आपको बातएंगे ऐसे ही कुछ संकेतों के बारे में.......
बालों का झड़ना
अगर आपके बाल झड़ रहे हैं तो ये शरीर में आयरन की कमी का संकेत हो सकता है. वैसे तो एक दिन में लगभग 100 बालों का झड़ना नॉर्मल माना जाता है लेकिन अगर इससे ज़्यादा बाल झड़ रहे हैं तो आपको बॉडी के इस सिग्नल पर ध्यान देने की ज़रूरत है. जर्नल ऑफ़ कोरियन मेडिकल साइंस में छपी एक रिसर्च के अनुसार शरीर में आयरन की कमी ज़रूरत से ज़्यादा बाल झड़ने के लिए ज़िम्मेदार हो सकती है. इसके अलावा कमज़ोरी और चक्कर आना भी आयरन की कमी का संकेत हो सकते हैं.
अचानक वज़न कम होना
अचानक से वज़न कम होने लगे तो समझ लीजिये कि आपका शरीर किसी न्यूट्रिशन की कमी से जूझ रहा है. सही से काम करने के लिए हमारे शरीर को मैक्रो और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की ज़रूरत होती है. इनकी कमी होने पर शरीर फ्यूल के तौर पर स्टोर्ड एनर्जी का इस्तेमाल करने लगता है.
रात के वक़्त देखने में परेशानी
अगर आपको रात के समय सही से देखने में परेशानी होती है तो ये आपके शरीर का एक तरीका हो सकता है विटामिन ए की कमी के प्रीति सचेत करने का. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन के अनुसार विटामिन ए आंखों की हेल्थ के लिए बहुत ज़रूरी होता है और नाईट ब्लाइंडनेस या हल्की रोशनी में देखने में परेशानी होना शरीर में विटामिन ए की कमी का पहला संकेत माना जाता है.
हड्डियों में दर्द
बोन हेल्थ शरीर में विटामिन डी और कैल्शियम की मात्रा पर निर्भर करती है. अगर आपको हड्डियों में दर्द महसूस हो रहा है तो ये इन दोनों न्यूट्रिएंट्स में से किसी एक या दोनों की कमी की वजह से हो सकता है. NCBI में पब्लिश्ड एक रिसर्च के अनुसार कैल्शियम की कमी बोन मास को कम कर सकती है और ओस्टोपोरोसिस की परेशानी पैदा कर सकती है.