केंद्रीय मंत्री नारायण राणे (Narayan Rane) को सोमवार को महाराष्ट्र पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को थप्पड़ मारने की बात कही थी. आपको बता दें कि नारायण राणे ने अपनी राजनीति शिवसेना (Shiv Sena) के साथ की थी और उद्धव के राजनीतिक पटल पर आने के बाद से ही उनकी शिवसेना से खटास पैदा हो गई थी और उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी.
आइए देखते हैं उनका राजनीतिक सफर और जानते हैं उनसे जुड़े कुछ विवादों के बारे में.
1. शिवसेना में नारायण राणे की एंट्री 1968 में महज़ 16 साल की उम्र में हुई
2. 1985-1990 तक वो कॉरपोरेटर रहे और 1990 में पहली बार विधायक बने
2. 1999 में वो पहली शिवसेना-बीजेपी गठबंधन सरकार में सीएम पद तक पहुंचे
3. हालांकि साल 2003 में राणे और सेना के संबंधों में खटास आने लगी
4. पार्टी के महाबलेश्वर सम्मेलन में उद्धव को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष घोषित किया गया
5. इसके बाद पार्टी से राणे का मोहभंग होना शुरू हो गया था
6. राणे ने उद्धव की लीडरशिप को चुनौती दी
7. नतीजतन 2005 में राणे को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते पार्टी से निकाल दिया गया
8. इस के बाद 3 जुलाई 2005 को राणे ने दर्जन भर विधायकों के साथ कांग्रेस का हाथ थाम लिया
9. हालांकि 6 दिसंबर 2008 को उन्होंने कांग्रेस को लेकर प्रतिकूल बयान दिए
10. और उन्हें लंबे समय के लिए कांग्रेस से निलंबित कर दिया गया
11. वो वापस पार्टी में आए और कांग्रेस की पृथ्वीराज चव्हाण सरकार में मंत्री बने
12. लेकिन साल 2017 में राणे ने कांग्रेस भी छोड़ दी और अपनी पार्टी महाराष्ट्र स्वाभिमान पक्ष बनाई
13. राणे ने इस दौरान कहा कि कांग्रेस में उनके लिए कोई स्कोप ही नहीं है
14. फिर राणे ने बीजेपी को समर्थन की घोषणा कर दी
15. साल 2019 में राणे राज्यसभा के लिए चुने गए
16. उन्होंने अपनी पार्टी का भी बीजेपी में मर्जर कर दिया
हालांकि उद्धव ठाकरे को लेकर उनके तेवर हमेशा तल्ख ही रहे और उनकी आक्रामकता दिख ही जाती है, इस बार उद्धव को लेकर की गई बयानबाज़ी उन्हें महंगी पड़ गई.