अजन्मे बच्चे के प्लैसेंटा यानि गर्भनाल में पहली बार माइक्रोप्लास्टिक मिला है जोकि रिसचर्स के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है. एनवायरनमेंटल इंटरनेशनल जर्नल में छपी स्टडी के मुताबिक, एक्सपर्ट्स का मानना है कि माइक्रोप्लास्टिक भ्रूण के विकास को प्रभावित कर सकते हैं और साथ ही शिशुओं के इम्यून सिस्टम पर भी असर डाल सकते हैं. ऐसा माना जा रहा है कि प्लास्टिक पैकेजिंग, कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स, नेलपेंट और पर्सनल केयर प्रोडक्ट की वजह से ये आया है। हालांकि, रिसर्चर्स शरीर पर इन माइक्रोप्लास्टिक के प्रभावों का आगे और आंकलन करेंगे। ये स्टडी रोम सैन जियोवन्नी कैलीबेटा फेटबिनफेराटेली अस्पताल में किया गया।