दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार एक बार फिर आमने सामने हैं. इस बार मुद्दा है दिल्ली सरकार द्वारा खरीदी गई 1 हजार लो फ्लोर DTC बसें और उनके मेंटेनेंस का. अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बसों की खरीद मामले में दिल्ली बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता की शिकायत पर CBI जांच की सिफारिश कर दी है.
हालांकि इससे पहले बीजेपी के आरोपों पर दिल्ली के परिवहन मंत्री ने बसों की खरीद पर अस्थायी रोक लगा दी थी, और कहा था कि तब तक बसें नहीं खरीदी जाएंगी जब तक बीजेपी इसकी अच्छे से जांच करवा ले.
अब CBI जांच की सिफारिश पर दिल्ली सरकार ने कहा है कि - 'आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है. मामले की पूरी जांच के लिए एक समिति का गठन किया जा चुका था जिसने क्लिन चिट दे दी है. यह आम आदमी पार्टी (AAP) के खिलाफ राजनीति से प्रेरित साजिश है. पहले भी केंद्र सरकार CBI का उपयोग कर दिल्ली सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर चुकी है लेकिन सफल नहीं हुई क्योंकि उसके आरोपों में सच्चाई नहीं होती.
AAP ने बयान में कहा कि- दिल्ली सरकार थूकम-फजीहत की राजनीति में विश्वास नहीं करती, हमारा विश्वास सिर्फ गुड गवर्नेंस में है.
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