AGR मामले में भारती एयरटेल, वोडा, आइडिया और टाटा (Bharti Airtel, Voda, Idea and Tata) को राहत नहीं मिली है. कोर्ट ने AGR पुनर्गणना पर टेलीकॉम याचिका को रद्द कर दिया है. कोर्ट (Supreme court) ने AGR बकाया की फिर से गणना कराने से इनकार कर दिया है. एयरटेल को 43,000 करोड़ रुपए और वोडाफोन को 58,000 करोड़ रुपए का भुगतान करना है. उनका अनुमान है कि उनका बकाया 18,000 करोड़ रुपए और 25,000 करोड़ रुपए होगा.
पिछले साल सितंबर में एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू यानी AGR के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों को बड़ी राहत दे दी थी. कोर्ट ने AGR बकाया चुकाने के लिए कंपनियों को 10 साल का समय दिया है. कोर्ट ने कहा कि टेलीकॉम कंपनियों को बकाया राशि का 10 फीसदी एडवांस में चुकाना होगा. फिर हर साल समय पर किस्त चुकानी होगी.