Meenakshi Lekhi on Farmers: केन्द्रीय विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने गुरुवार को कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों को 'मवाली' (Mawali) कह दिया. दिनभर इसे लेकर बवाल रहा और सोशल मीडिया पर उनकी काफी खिंचाई हुई. शाम तक हाल ही में मंत्री बनीं मीनाक्षी लेखी ने बयान वापस ले लिया और कहा कि उनके शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया. लेकिन उनके शब्दों से अगर किसी को ठेस पहुंची है तो वे अपने शब्द वापस लेती हैं.
कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों पर पूछे गए एक सवाल पर लेखी ने यह बयान दिया. उन्होंने पत्रकार से कहा कि आप फिर उन्हें किसान बोल रहे हैं, वो मवाली हैं. केंद्रीय मंत्री ने ये भी कहा कि इस तरह का प्रदर्शन करना आपराधिक है और विपक्ष ऐसी चीजों को हवा दे रहा है.
किसान नेता शिव कुमार कक्का ने कहा कि इस तरह का बयान देश के 80 करोड़ किसानों का अपमान है. उन्होंने कहा कि मीनाक्षी लेखी को खुद पर शर्म आनी चाहिए, उन्हें किसानों का उगाया अनाज खाना छोड़ देना चाहिए. तो भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने मीनाक्षी लेखी के बयान को अफसोसनाक और गलत बताया है.
आपको बता दें कि कृषि कानूनों के विरोध में गुरुवार को 200 किसानों का एक ग्रुप दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचा, जहां ये सरकार के नए कानूनों का विरोध करेंगे, अपनी समानांतर संसद लगा कर. इस दौरान किसान नेताओं ने ये भी आशंका जताई कि सरकार उनके फोन की भी इजरायली सॉफ्टवेयर से जासूसी करवा रही है.
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