बिहार में कोरोना टेस्टिंग में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. फर्जी नाम और मोबाइल नंबर के जरिए स्वास्थ्यकर्मियों ने गलत रिपोर्ट तैयार की. इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट में ऐसा दावा किया गया है. अखबार ने बिहार के जमुई, शेखपुरा और पटना के कोरोना जांच केन्द्रों के डेटा की पड़ताल की तो ये सच सामने आया. इन सेंटर्स पर फर्जीवाड़े का क्या आलम था इसे एक उदाहरण से समझा जा सकता है. जमुई के बरहट प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में 0000000000 को मोबाइल नंबर के तौर पर दर्ज किया गया. हद तो ये है कि 48 लोगों में से 28 लोगों के मोबाइल नंबर इसी रूप में दर्ज किए गए. इसके अलावा शेखपुरा जिले के बारबिघा में कोरोना नेगेटिव व्यक्तियों के फोन नंबर का इस्तेमाल अन्य लोगों के नाम पर किया गया.स्वास्थ्यकर्मियों से बातचीत में यह भी पता चला कि डेली टारगेट को पूरा करने के लिए टेस्टिंग डेटा में गड़बड़ी की गई.