दो साल की सुनवाई के बाद आखिरकार लंदन के वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने PNB घोटाले के आरोपी और भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण पर गुरुवार को फैसला सुना दिया. अदालत ने नीरव की अर्जी ठुकराते हुए उसे भारत प्रत्यर्पित करने की मंजूरी दे दी.
कोर्ट ने कहा कि नीरव मोदी ने सबूत नष्ट करने और गवाहों को डराने के लिए साजिश की और उस के खिलाफ भारत में एक मामला है जिसका उसे जवाब देना है. हालांकि अभी नीरव को भारत लाए जाने पर कुछ पेंच है.
पहला तो ये कि इस आदेश के खिलाफ नीरव मोदी ब्रिटेन के हाई कोर्ट में अपील दायर कर सकता है जिसके बाद फिर से पूरा प्रोसेस चलेगा.
दूसरा ये कि लंदन की अदालत का फैसला ब्रिटेन के गृह मंत्रालय के पास जाएगा और उसकी मंजूरी के बाद ही प्रत्यर्पण का रास्ता साफ होगा.
मोदी को 13 मार्च 2019 को लंदन में गिरफ्तार किया गया था, उस पर पंजाब नेशनल बैंक में 14 हजार करोड़ के घोटाले का आरोप है और वो भारत में धोखाधड़ी और मनी लॉंड्रिंग के मामले में वांटेड हैं.