लज़ीज़ बिरयानी यूं बनी आपकी थाली का हिस्सा

Updated : Sep 21, 2020 23:18
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Editorji News Desk

भारत में बिरयानी को राजसी खाने का दर्जा हासिल है. दूर से आती बिरयानी की महक से ही पता चल जाता है कि वो कितनी ज़ायकेदार है. उसकी ख़ुशबू इतनी टेंप्टिंग होती है कि पूरी दुनिया में लोग इसे बड़े ही चाव से खाते हैं.
भारत में तो हर राज्य की अलग-अलग बिरयानी है. जैसे हैदराबादी बिरयानी, बॉम्बे बिरयानी, लखनवी बिरयानी, मुग़लई बिरयानी, कलकत्ता बिरयानी. बिरयानी का टेस्ट लेते हुए आपको भी ये ख़्याल ज़रूर आया होगा कि आख़िर बिरयानी आई कहां से? इसका जवाब है ईरान से. बिरयानी शब्द की उत्पत्ति पर्शियन शब्द 'बिरंज बिरयान' से हुई है. पर्शियन भाषा में चावल को बिरिंज कहते हैं और बिरयान का अर्थ है पकाने से पहले फ़्राई किया गया
इसके इतिहास से जुड़ी कई कहानियां हैं सबसे फेमस स्टोरी की मानें तो मुग़लों ने भारत में इसे बनाना शुरू किया था. ये कभी शाही भोजन का हिस्सा हुआ करती थी. कहते हैं कि मुग़ल बादशाह शाहजहां की बेगम मुमताज महल के कहने पर उनके खानसामों ने इसे बनाया था.

बिरयानी

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