चंडीगढ़ के मटका चौक (Matka Chowk in Chandigarh) स्थित श्मशान घाट ( Milkha Leaves For Heavenly Abode) शनिवार को एक युग के खत्म होने (Flying Sikh's Final Journey) का गवाह बना, भारत के महान धावक और फ्लाइंग सिख के नाम से मशहूर मिल्खा सिंह (Milkha Singh) का राजकीय सम्मान (State honor) के साथ अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, पंजाब के गवर्नर और पंजाब के खेल मंत्री समेत कई दूसरे लोग मौजूद थे. इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उनके घर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी, उड़न सिख के सम्मान में पंजाब में एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया.इस दौरान चंडीगढ़ में शनिवार शाम जब उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई तो जैसे पूरा चंडीगढ़ ही अपने हीरो सलामी को सलामी देने के लिए उमड़ पड़ा.
मिल्खा सिंह का शुक्रवार की रात 11:30 बजे चंडीगढ़ पीजीआई अस्पताल में कोरोना की वजह से निधन हो गया. वे 91 साल के थे. इसी हफ्ते उनकी पत्नी निर्मल कौर का भी निधन हुआ था. दोनों कोरोना वायरस से संक्रमित थे. उनके निधन की खबर से देश के करोड़ों लोग सदमे में हैं और हर कोई इस हीरो को अपने ही अंदाज़ में सलामी दे रहा है.