कोरोना (Covid-19) से ठीक हो चुके लोगों में कई परेशानियां देखी जा रही हैं. आमतौर पर लोगों में काफी कमजोरी और थकान की शिकायत है तो बहुतों में सांस फूलना जैसी समस्या है. बहुत से लोगों को दिल का नया रोग लग जा रहा है, तो कईयों को न्यूरोलॉजिकल समस्या हो रही है. इनके अलावा ब्लैक फंगस (Black Fungus) जैसी जानलेवा बीमारियां भी हो रही हैं.
इसीलिए WHO और स्वास्थ्य मंत्रालय से लेकर सभी डॉक्टर्स कह रहे हैं कि कोरोना से ठीक होने के बावजूद भी आप बिल्कुल लापरवाही ना बरतें क्योंकि कोरोना का असर शरीर से जाने में काफी वक्त लग रहा है.
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डॉक्टरों की मानें तो पोस्ट कोविड केयर उतना ही जरूरी है जितना कि कोविड केयर. कोविड से ठीक होने के कुछ हफ्तों या महीनों तक बहुत से लोगों में पोस्ट कोविड कॉम्पि्लिकेशंस नजर आ रहे हैं.
डॉक्टरों के मुताबिक पोस्ट कोविड कॉम्प्लिकेशंस को हम तीन कैटेगरी में बांट सकते हैं-
1. माइल्ड या हल्के कॉम्प्लिकेशंस
2. मॉडरेट यानि कम गंभीर कॉम्प्लिकेशंस
3. गंभीर कॉम्प्लिकेशंस
मांसपेशियों में दर्द, बदन दर्द, पेट खराब होना, काफी कमजोरी, घबराहट, सिर दर्द, नींद ना आना या खूब आना, बदन का हल्का गर्म रहना, लंबे समय तक खांसी-सर्दी. ये सभी हल्के कॉम्प्लिकेशंस हैं.
सर गंगाराम अस्पताल में मेडिसिन विभाग के हेड डॉ. एसपी बायोत्रा के मुताबिक ऐसे लोग 2-8 हफ्ते में ठीक हो जाते हैं, अलग अलग मरीज में ठीक होने का समय अलग होता है.
माइल्ड कॉम्प्लिकेशंस से घबराने की जरूरत नहीं है, इसमें कोई खतरे की बात नहीं है लेकिन सिम्पटम्स पर नजर लगातार रखने की जरूरत है.
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1. खाने-पीने का खास ख्याल रखें. प्रोटीन और हरी सब्जियां खूब खाएं.
2. खूब पानी पीएं, दिन में दो बार भाप भी लें.
3. नींद पूरी करें, कम से कम 8-10 घंटे की नींद जरूर लें.
4. ज्यादा काम न करें, खूब आराम करें.
5. जब ठीक लगे तो घर में ही वॉक करें, ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ करें.
6. ठीक होने के कम से कम दो हफ्ते बाद तक अपना ऑक्सीजन, बुखार, ब्लड प्रेशर और शुगर जरूर मॉनिटर करें.
7. ठीक होने के दो हफ्ते के अंदर अपने डॉक्टर को जरूर दिखाएं और चेक-अप कराएं.
8. डॉक्टर की सलाह पर जरूरी ब्लड और हार्ट चेक अप जरूर कराएं.
मॉडरेट यानि कम गंभीर कॉम्प्लिकेशंस वाले लोगों में मायोकार्डाइटिस यानि हार्ट में इंफ्लामेशन का खतरा होता है. इससे हार्ट के फंक्शन पर असर हो सकता है और दिल का नया रोग लग सकता है. इसके अलावा मॉडरेट कॉम्प्लिकेशंस वाले लोगों में भी Oppurtunistic Infections जैसे ब्लैक फंगस या व्हाइट फंगस (White Fungus) हो सकता है. इसलिए काफी सावधान रहने की जरूरत है और शरीर में होने वाले हर बदलाव और लक्षण पर बारीक नजर रखना जरूरी है
मॉडरेट कॉम्प्लिकेशंस वाले लोगों को भी बहुत एहतियात की जरूरत होती है, क्योंकि अगर उन्होंने सही समय पर इलाज नहीं लिया और पूरे प्रिकॉशंस नहीं लिए तो ये लक्षण जानलेवा बन सकते हैं.
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गंभीर पोस्ट कोविड कॉम्प्लिकेशंस वाले लोगों में थ्रॉम्बोएंबॉलिज्म यानि ब्लड क्लॉट की वजह से हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा होता है. दरअसल ब्लड क्लॉट की वजह से अगर हार्ट का वेसेल ब्लॉक हुआ तो हार्ट अटैक हो सकता है, दिमाग की नस बंद हुई तो स्ट्रोक आ सकता है, और अगर पल्मनरी यानि कि लंग्स के वेसेल को ब्लड क्लॉट ने ब्लॉक किया तो भी मौत हो सकती है. इसके अलावा गंभीर कॉम्प्लिकेशंस वाले लोगों को भी ब्लैक फंगस जैसा जानलेवा इंफेक्शन हो सकता है.
डॉक्टरों के मुताबिक कम गंभीर और गंभीर मरीज जो कोरोना से ठीक हो कर घर लौटे हैं, उनके लिए एक जैसे गाइडलाइन नहीं हो सकते. ये हर मरीज के लिए अलग होगा और इस बात पर निर्भर करेगा कि मरीज का इम्यून रेस्पॉन्स कैसा है. डॉक्टरों के मुताबिक-
1. गंभीर लक्षण वाले मरीज को पूरी तरह से ठीक होने में 3 महीने तक का वक़्त लग सकता है
2. WHO ने इस साल जनवरी में कहा था कि ऐसे मरीजों को ब्लड थिनर की लो डोज़ का इस्तेमाल करना चाहिए, लेकिन इसके लिए अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लें.
3. खूब सारा तरल पदार्थ जैसे पानी और सूप लें. अच्छा और प्रोटीन से भरा खाना खाएं और आराम करें.
4. सिर्फ बिस्तर पर लेटे न रहें, अपनी तबीयत के हिसाब से घर पर ही फिजिकल एक्टिविटी करें.
5. अगर सांस लेने में तकलीफ हो, सांस फूल रही हो, सीने में भारीपन हो, अचानक चक्कर आ रहा हो या खूब पसीना आ रहा हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं.
6. अपने लक्षणों के मुताबिक डॉक्टर की सलाह पर ECG, ईको कार्डियोग्राम, CT एंजियो, HRCT और दूसरे टेस्ट जरूर कराएं.
7. दवाइयों के साइड इफेक्ट कुछ हफ्तों बाद नजर आते हैं, फंगल इंफेक्शन उनमें से एक है. इसलिए अपने शरीर और उसमें होने वाले बदलाव पर बारीकी से नजर रखें.
डॉक्टर्स खासकर उन लोगों को खास ख्याल रखने की सलाह दे रहे हैं जो कोमॉर्बिड हों.
1. को-मॉर्बिड जैसे शुगर के मरीजों को खास ख्याल रखना है.
2. इनके अलावा वो मरीज जो इम्यूनो सप्रेसेंट ले रहे हैं जैसे कैंसर के मरीज, किडनी ट्रांसप्लांट पेशेंट वगैरह.
कोरोना से ठीक होने के बाद भी लंबे समय तक आपके शरीर में इसका असर बना होता है, लिहाजा वैसे ही केयर करें दैसे ही कोरोना के दौरान किया था.
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