बैसाखी (Baisakhi) का पर्व हर साल अप्रैल के महीने में मनाया जाता है. इसे कृषि पर्व भी कहते हैं. बैसाखी सिख धर्म की स्थापना और फसल पकने के प्रतीक के रूप में मनाई जाती है. इस महीने रबी फसल पूरी तरह से पक कर तैयार हो जाती है और पकी हुई फसल को काटने की शुरुआत भी हो जाती है. बैसाखी को मेष संक्रांति के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन सूर्य मेष राशि में प्रवेश करते हैं. जैसे सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है तो मकर संक्रांति का त्यौहार मनाते हैं वैसे ही सूर्य जब मेष राशि में संचार सकता है तो बैसाखी का त्यौहार मनाते हैं.
इस साल बैसाखी का पर्व 14 अप्रैल (14th April) दिन बुधवार को है. सिखों के 10वें गुरु गोविन्द सिंह जी ने 13 अप्रैल 1699 को बैसाखी के दिन ही खालसा पंथ की स्थापना की थी. खालसा पंथ का उद्देश्य धर्म की रक्षा करना और समाज की भलाई करना है. इस वजह से सिखों के लिए बैसाखी का विशेष महत्व होता है.आज ही के दिन पंजाबी नए साल की शुरुआत भी होती है.