ये तस्वीरें हरियाणा के करनाल की हैं जहां हरियाणा और पंजाब से किसान मंगलवार को महापंचायत के लिए जमा हुए. चारों तरफ किसानों की भीड़ देखी जा सकती है. कुछ पैदल तो कुछ टैक्टर पर. महापंचायत से पहले किसान नेताओं और प्रशासन के बीच बातचीत भी हुई लेकिन वो विफल रही, इसके बाद किसानों ने अनाज मंडी में महापंचायत की और फिर वहां से मिनी सचिवालय का घेराव करने के लिए निकल पड़े.
इस दौरान सुरक्षा बेहद सख्त रही, बाहर से सुरक्षा बलों की 40 कंपनियों को बुलाया गया, मार्च करते किसानों ने सचिवालय से पहले पुलिस बैरिकेड तोड़ी जिसके बाद पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल भी किया.
किसान संगठनों ने साफ किया है कि उनका विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण होगा. वे सचिवालय के अंदर नहीं जाएंगे, घेराव सिर्फ बाहर से करेंगे लेकिन ये घेराव लंबा होगा.
इससे पहले किसान महापंचायत में हिस्सा ले रहे स्वराज इंडिया के संस्थापक योगेंद्र यादव ने बताया था कि करनाल पुलिस ने उन्हें, राकेश टिकैत और दूसरे कई किसान नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया और फिर हिरासत में ले लिया. हालांकि थोड़ी देर में ही भारी दबाव और प्रदर्शन की वजह से इन्हें छोड़ना पड़ा.
दरअसल हरियाणा के करनाल में किसानों का ये हुजूम जमा हुआ है उस लाठीचार्ज के खिलाफ जिसमें 28 अगस्त को कई किसान जख्मी हुए थे, उनका सिर फूटा था, उस दिन एक किसान की भी मौत हुई थी. किसान इस बात से भी बेहद नाराज हैं कि खट्टर सरकार ने किसानों से ज्यादा तवज्जो उस एसडीएम को दी है जिसने किसानों का सिर फोड़ने का आदेश दिया था.