जितिन प्रसाद के बीजेपी (BJP) का दामन थामने के बाद कांग्रेस के भीतर अब सुधारों को लेकर पहले से ही हो रही मांग ने तेजी पकड़ ली है.कथित रूप से असंतु्ष्ट G 23 ग्रुप के नेताओं में से एक अहम चेहरा कपिल सिब्बल (Kapil Sibbal) ने साफ किया कि जो जितिन ने किया ऐसा उनके जीते जी कभी नहीं हो सकता. हालांकि सिब्बल ने ये ज़रूर कहा कि पार्टी आलाकमान के लिए बेहद जरूरी है कि वो सुधारों से जुड़ी बातों को तवज्जो दे .जितिन प्रसाद के इस्तीफे को सिब्बल ने प्रसाद राम पॉलिटिक्स करार दिया. सिब्बल ने कहा कि पहले आया राम गया राम की सियासत होती थी अब प्रसाद राम की सियासत होती है, ऐसी ही राजनीति पश्चिम बंगाल (West Bengal) में भी दिखाई दी, जब लोगों को लगा कि बीजेपी चुनाव जीत सकती है, तो लोग उनके खेमे में जाने लग गए, वो आगे बोले कि लोग विचारधारा नहीं व्यक्तिगत हितों को देखकर चुनाव लड़ रहे है.
उन्होंने जितिन प्रसाद के बीजेपी ज्वाइन करने को लेकर कहा कि जितिन किस मुंह से लोगों को समझाएंगे कि उन्होंने जिस विचारधारा का विरोध उन्होंने तीन दशक तक किया, अब उसी के पाले में चले गए.