पश्चिम बंगाल के पूर्व चीफ सेक्रेटरी और सीएम ममता के मौजूदा मुख्य सलाहकार अलपन बंदोपाध्याय (Alapan Bandhopadhyay) को लेकर एक बार फिर केंद्र और बंगाल सरकार आमने सामने है. केंद्र की तरफ अलपन को दिए गए नोटिस को TMC ने बदले की कार्रवाई (vindictive act against the rules) बताया है. मंगलवार को TMC सांसद सौगत रॉय (Saugata Roy) ने कहा कि यह नियमों के खिलाफ प्रतिशोध की कार्रवाई है. उन्होंने कहा कि अलपन बंधोपाध्याय एक सेवानिवृत्त अधिकारी हैं और भारत सरकार के नियमों से बंधे नहीं (retired and is not bound by rules) है. रॉय ने कहा कि पेंशन और ग्रेच्युटी खोने का (lose his pension & gratuity) डर दिखाकर अलपन को डराया जा रहा है.
बता दें कि केंद्र ने अलपन को नोटिस भेजा है, जिसमें उनपर दुर्व्यवहार और अपनी ड्यूटी के प्रति पूरी निष्ठा बनाए रखने में नाकाम रहने जैसे आरोप हैं. इन तमाम आरोपों पर 30 दिन के अंदर जवाब मांगा गया है. जवाब ना देने पर अलपन को रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली सभी सुविधाओं को रोका जा सकता है.