इजरायल (Israel)ने भले ही कोरोना पर काफी हद तक काबू पा लिया है लेकिन वहां राजनीतिक संकट फिर से गहरा गया है. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) नई सरकार बनाने की डेडलाइन को फिर से चूक गए हैं. चुनावी नतीजों के बाद उन्हें चार हफ्ते का वक्त दिया था लेकिन विकल्प देने में नाकाम रहें. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब दो ही चीजें हो सकती हैं या तो नेतन्याहू की लिकुल पार्टी (Likul party) को 12 वर्षों में पहली बार विपक्ष में बैठना पड़ेगा या फिर इजरायल में एक और बार चुनाव कराना होगा. यदि यहां फिर से चुनाव होता है तो ये दो साल में पाचंवी बार होगा. उधर राष्ट्रपति रेवेन रिवलिन ने नई सरकार के गठन पर चर्चा शुरु कर दी है. यदि सभी विकल्प खत्म हो जाते हैं तो फिर यहां चुनाव कराए जाएंगे.