सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट (Central Drug Research Institute) यानि CDRI लखनऊ ने अच्छी खबर दी है. CDRI का दावा है कि उसने कोरोना की स्वदेशी दवा (Indigenous medicine of corona)उमीफेनोविर बना ली है. संस्थान का दावा है कि ये दवा पांच दिनों में ही वायरल के लोड को पूरी तरह से खत्म कर देगी. ये कोरोना की पहली एंटीवायरल दवा (antiviral drug) है जो हल्के व मध्यम लक्षण वाले मरीजों पर बहुत कारगर है. सीएसआईआर-सीडीआरआई के निदेशक डॉ. तपस कुंडू ने ये जानकारी दी है.
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डॉ कुंडू के मुताबिक केजीएमयू, लोहिया संस्थान और एरा मेडिकल कॉलेज में भर्ती 132 कोरोना मरीजों पर इस दवा के थर्ड फेज का ट्रायल किया गया. ट्रायल में 18 से 75 साल के मरीज शामिल थे. उन्होंने बताया कि कोरोना के हल्के व मध्यम लक्षण वाले मरीजों को उमीफेनोविर -800 एमजी की डोज दिन में दो बार देनी है. पांच दिन में संक्रमण काफी हद तक काबू में आ सकता है. ये दवा डेल्टा वेरिंएट (delta variant) में भी असरदार पाई गई है. डॉ कुंडू ने बताया कि दवा बनाने की तकनीकी गोवा की मेडिजेस्ट मैसर्स नाम की कंपनी को दी गई है. ये दवा जल्द ही टैबलेट और सिरप के रूप में बाजार में उपलब्ध होगी. पांच दिन की दवा का खर्च करीब 600 रुपये हो सकता है.