काले धन (black money) के खिलाफ मुहिम में भारत को इस महीने अहम कामयाबी मिल सकती है. दरअसल स्विस बैंक (swiss bank) भारतीय खातेदारों के अकाउंट की जानकारी इसी महीने भारत सरकार साझा करेगा. ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इन्फॉर्मेशन समझौते के तहत स्विस बैंक ये जानकारी तीसरी बार भारत को दे रहा है. अहम ये है कि इस डेटा में पहली बार भारतीयों के मालिकाना हक वाली अचल संपत्ति मसलन फ्लैट और अपार्टमेंट्स की डिटेल भी होगी.
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एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस डेटा से सरकार को उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद मिलती है, जिनके पास बेहिसाब संपत्ति है क्योंकि इसमें डिपॉजिट और ट्रांसफर के अलावा इन्वेस्टेंट और दूसरी संपत्तियों से हुई कमाई का ब्योरा भी होता है. इस साल बड़ी तादाद में नॉन रेजिडेंस इंडियन (Non Resident Indian) और भारतीय कंपनियों (Indian companies) का डेटा भी जारी हो सकता है. अब ये भी जान लेते हैं कि काले धन के खिलाफ हमारी लड़ाई कहां तक पहुंची?
स्विस बैंक : कहां तक पहुंची 'काले धन' की लड़ाई?
दो साल में स्विस बैंक ने 30 लाख खाताधारकों की जानकारी दी
साल 2020में स्विस बैंक में भारतीयों के 20,700 करोड़ रुपये जमा हुए
13,500 करोड़ रुपए बॉन्ड और सिक्योरिटीज के तौर पर जमा हैं
साल 2019 की तुलना में ये 3.12 गुना ज्यादा हैं, तब 6, 625 करोड़ जमा थे