भारतीय वैज्ञानिकों ने स्वदेशी तकनीक और डिजाइन का कम कीमत वाला ऑप्टिकल स्पैक्ट्रोग्राफ विकसित करने में सफलता हासिल की है। इस स्पैक्ट्रोस्कोप की खासियत यह है कि यह सुदूर क्वासेर और ब्रह्माण्ड की युवा गैलेक्सी (Galaxy) के आने वाले धुंधले प्रकाश के स्रोतों, सुपरमासिव ब्लैकहोल और कॉस्मिक विस्फोटों के पास के इलाकों की पहचान भी कर सकता है. स्पैक्ट्रोस्कोप को एरीज-देवस्थाल फेंट ऑब्जेक्ट स्पैक्ट्रोग्राफ एंड कैमरा (ADFOSC) नाम दिया गया है. एडफोस्क को आर्यभट्ट रिसर्ट इंस्टीट्यूट ऑफ ऑबजरवेशनल साइंसेस (ARIES) नैनीताल ने डिजाइन और विकसित किया है. इसे नैनीताल के पास 3.6 मीटर देवस्थल ऑप्टिकल टेलीस्कोप (DOT) पर स्थापित किया गया है. DOT के लिए आधार बनकर एडफोस्क बहुत ही धुंधले खगोलीय स्रोतों का अवलोकन कर एक फोटोन प्रति सेकेंड की कम दर वाले स्रोतों का भी पता लगा सकता हैं एडफोस्क की कीमत चार करोड़ रुपये रखी गई है. जो कि इम्पोर्ट किये जाने वाले उपकरणों का 40 प्रतिशत दाम है.