चेन्नई टेस्ट में 27 साल बाद ऐसा मौका देखने को मिला, जब दोनों छोर पर भारतीय अंपायरों ने जिम्मेदारी संभाली. भारत और इंग्लैंड के बीच चेन्नई टेस्ट के दौरान अनिल चौधरी और नितिन मेनन मैदानी को अंपायरिंग की कमान मिली. इससे पहले फरवरी 1994 में अहमदाबाद टेस्ट में श्रीलंका के खिलाफ वीके रामास्वामी और एएल नरसिम्हन मैदानी अंपायर की भूमिका में नजर आए थे. 55 साल के अनिल चौधरी का ये अंपायर के तौर पर टेस्ट डेब्यू रहा. तो नितिन मेनन को इससे पहले तीन टेस्ट में अंपायरिंग का एक्सपीरियंस है.