दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम यानि कि अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड (India vs England) के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज (T20 Series) खेली जा रही है. दोनों टीमों की टक्कर के अलावा जिस एक चीज ने सभी का ध्यान खींचा है, वो है नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच. इस स्टेडियम में कुल 11 पिच है.
पहले चारों टी20 मैच में हर बार नई पिच का इस्तेमाल हुआ, और ये पिचें पिछली पिचों से काफी जुदा रहीं. आमतौर पर टी20 क्रिकेट में बल्लेबाजों की मददगार पिच बनाई जाती है तो खिलाड़ियों को भी पता होता है कि उन्हें कैसी बल्लेबाजी करनी है. लेकिन इस सीरीज के हर मुकाबले में पिच का अलग ही मिजाज देखने को मिला. खुद इंग्लैंड के कप्तान इयोन मॉर्गन इस बात को कुबूल कर चुके हैं कि पिच हर मुकाबले में अलग रही है.
पहले टी20 मुकाबले में गेंदबाजों की मददगार पिच थी, लिहाजा सितारों से सजी टीम इंडिया सिर्फ 124 रन ही बना सकी. दूसरा टी20 मैच दोनों टीमों के लिए कुछ सुकून लेकर आया क्योंकि यहां बल्लेबाजी ज्यादा मुश्किल नहीं थी. मॉर्गन ने कहा भी कि इस पिच में अधिक गति नहीं थी और पहले मैच की तुलना में धीमापन था. फिर सीरीज का तीसरा मैच लाल सर्फेस वाली पिच पर खेला गया और उसपर गेंदबाजों ने खूब कहर बरपाया. मार्क वुड और जोफ्रा आर्चर ने भारतीय बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी. तो वहीं चौथे और भारत के लिए करो या मरो मैच की पिच बल्लेबाजों की मददगार रही और भारत ने 185 रन बना डाले.
इस T-20 सीरीज में सिर्फ बल्लेबाजों की नहीं चली, गेंदबाजों को भी अपना हुनर दिखाने का खूब मौका मिला. हालांकि इस डिपार्टमेंट में भारत का प्रदर्शन काफी फीका रहा, और नतीजा सबके सामने है.