आसमान छूते पेट्रोल-डीजल के दामों को GST के दायरे में लाने पर भाजपा सांसद सुशील मोदी ने बुधवार को राज्यसभा में कहा है कि ऐसा करना अगले 8-10 साल तक मुमकिन नहीं. मंगलवार को ही संसद में वित्त विधेयक-2021 पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ये मामला राज्यों के पाले में डालते हुए कहा था कि, अगर राज्य सरकारें ऐसा प्रस्ताव लाती हैं तो ये मुमकिन है.
सुशील मोदी ने कहा कि अगर डीजल-पेट्रोल से होने वाली आमदनी को देश के विकास में खर्च किया जा रहा है तो फिर दिक्कत क्या है? उन्होंने पूछा कि GST काउंसिल की बैठक में क्यों कोई मुख्यमंत्री ये मुद्दा नहीं उठाता. मोदी बोले कि 100 रुपए की कीमत में 60 रुपया टैक्स है जबकि GST में आने पर ये सिर्फ 28 रुपए रह जाएगा. अभी के 60 रुपए टैक्स में से 35 रुपया केंद्र को मिलता और जबकि 25 रुपया राज्य को. उन्होंने कहा कि अगर इसे GST में डाला गया तो राज्यों को हर साल 2 से 2.5 लाख करोड़ का नुकसान होगा.