गणपति को विघ्नहर्ता और ऋद्धि-सिद्धी का स्वामी कहा जाता है. इनका स्मरण, ध्यान, जप, आराधना से कामनाओं की पूर्ति होती है व विघ्नों का विनाश होता है. जीवन में सुख व समृद्धि की प्राप्ति के लिए श्रीगणेश को दूर्वा ज़रुर अर्पित की जानी चाहिए. दूर्वा एक प्रकार की घास है. जिसे किसी भी बगीचे में आसानी से उगाया जा सकता है. भगवान गणेश को 3 या 5 गांठ वाली दूर्वा अर्पित की जाती है.
भगवान को चढ़ाने के लिए किसी मंदिर की जमीन या बगीचे में उगी हुई दूर्वा लेना चाहिए. ऐसी जगह जहां गंदे पानी बहकर जाता हो और दूर्वा उग आयी हो. वहां से दूर्वा का चुनाव नहीं किया जाना चाहिए. श्री गणेश को दूर्वा चढ़ाते वक़्त मन में उनके मंत्रों का जाप करना चाहिए.