ठंड के मौसम में गर्भवती महिलाओं की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। इस मौसम में प्रेगनेंट महिलाओं को फ्लू, जुकाम, खांसी आदि इंफेक्शन का खतरा भी रहता है। सर्दियों में प्रेगनेंट महिलाओं को खुद की एक्स्ट्रा केयर करने की जरूरत होती है आइए बताते हैं
ठंडी हवा से स्किन नेचुरल ऑयल खोने लगती है इससे स्किन में खिंचाव आता है. इसकी वजह से पेट पर ज्यादा स्ट्रेच मार्क्स हो सकते हैं इसलिए थोड़ी-थोड़ी देर में स्किन पर क्रीम और लोशन लगाती रहें ताकि स्किन हाइड्रेट रहे।
प्रेग्नेंसी में डिहाइड्रेशन की वजह से शिशु के लिए एम्निओटिक फ्लूइड कम हो सकता है जिससे प्रीमैच्योर डिलीवरी हो सकती है और डिलीवरी के बाद ब्रेस्ट में दूध भी कम बन सकता है। इसीलिए ठंड में भी भरपूर मात्रा में पानी पीएं। पानी के साथ साथ आप फल और सब्जियों का जूस भी पी सकती हैं।
पैरों को गर्म रखें। शरीर का ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होने से पैरों में सूजन आ सकती है। पैरों को गुनगुने पानी में भिगोकर कुछ देर बैठने से पैरों के दर्द से राहत मिलती है।
प्रेगनेंसी में बैलेंस डायट लीजिए। मौसमी फल सब्जियां भरपूर मात्रा में खाइये। फल हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत करने का काम करते हैं। आंवले का जूस मॉर्निंग सिकनेस में बहुत फायदा करता है तो वहीं पालक, मेथी और हरी प्याज जैसी मौसमी सब्जियों से भी अपनी इम्यूनिटी को बढ़ा सकती हैं।
प्रेग्नेंसी में फ्लू शॉट लगवाने से मां और बच्चे दोनों को फ्लू से सुरक्षा मिलती है। एक्सपर्ट्स की मानें तो फ्लू शॉट से आप अपने बच्चे को जन्म के बाद 6 महीने तक फ्लू से बचा सकती हैं। फ्लू वैक्सीन से प्रेगनेंट महिलाओं में एक्यूट रेस्पिरेट्री इंफेक्शन का खतरा कम हो जाता है।