केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी (Pralhad Joshi) के एक बयान पर चर्चा तेज हो गई है. संसदीय मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एक टीवी चैनल से बात करते हुए कन्नड़ भाषा में कहा कि विदेश में पढ़ने वाले 90% मेडिकल स्टूडेंट नीट एग्जाम पास नहीं कर पाते हैं. हालांकि बाद में उन्होंने ये भी कहा कि अभी इस मुद्दे पर बहस करने का ये सही वक्त नहीं है. जोशी के इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी खिंचाई शुरू हो गई.
बता दें कि यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच भारतीय छात्र अब भी यूक्रेन (Ukraine) में फंसे हुए हैं. भारत सरकार ऑपरेशन गंगा (Operation Ganga) के तहत यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने में जुटी हुई है. इस काम में तेजी लाने के लिए चार केंद्रीय मंत्रियों को भी यूक्रेन के पड़ोसी देशों में भेजा गया है.
प्रह्लाद जोशी के इस बयान पर शिवसेना सांसद प्रियंका चर्तुर्वेदी ने हमला बोलते हुए कहा- 'तो क्या मोदी सरकार को इन्हें छोड़ देना चाहिए? यह कौन सी बेतुकी बात है'? वहीं, एक बंजरंगी नाम के दूसरे ट्वविटर यूजर ने सवाल करते हुए कहा, 'तो क्या यह सभी असफल मेडिकल छात्र हैं और सिर्फ पैसों के बल पर विदेश में पढ़ाई कर रहे हैं'!
प्रभाकर ने तंज कसते हुए लिखा, 'जोशी जी, कुछ फेल होने वाले मंत्री भी बनते हैं!' वहीं, आलोक लिखते हैं, “इस आदमी से पूछो कि इतनी बड़ी आबादी का देश जहां सिर्फ यूपी में ही हर साल 25 से 30 लाख विद्यार्थी 12 पास करते हैं. सवाल ये है कि MBBS की सीटें कितनी बढ़ाई गई है इन 7 सालो में?”
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