अमेरिका (America) की सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक (Facebook) और दूसरे सोशल मीडिया कंपनियों के चुनावी राजनीति में दखल की खबर संसद में गूंजी. कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने लोकसभा में शून्यकाल के दौरान ये मुद्दा उठाया. सोनिया गांधी ने सरकार से अपील की कि वो फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया कपंनियों के भारतीय राजनीति में किसी प्रकार के दखल को कम करे. सोनिया ने अलजजीरा (AL Jazeera) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि सत्तापक्ष की मिलीभगत के साथ सोशल मीडिया कंपनियों का दुरुपयोग किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग, लोकतंत्र को 'हैक' करने में किया जा रहा है.
अलजजीरा (AL Jazeera) की रिपोर्ट में बताया गया है कि फेसबुक ने पीएम मोदी (Narendra Modi) के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को अन्य राजनीतिक दलों के मुकाबले सस्ते विज्ञापन वाली डील्स मुहैया कराई. ये बात 22 महीने और 10 चुनावों में फैले विज्ञापन खर्च के एक विश्लेषण में सामने आई. इसमें बताया कि 10 में से 9 चुनावों में बीजेपी (BJP) ने जीत हासिल की. इसमें लोकसभा चुनाव 2019 भी शामिल भी है.
अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक ने भाजपा, उसके उम्मीदवारों और संबद्ध संगठनों से औसतन एक मिलियन (10 लाख) बार विज्ञापन दिखाने के लिए 41,844 रुपए चार्ज किया. वहीं विपक्षी दल कांग्रेस (Congress), उसके उम्मीदवारों और जुड़े संगठनों को इतने ही विज्ञापन के लिए 53,776 रुपए चार्ज किए. कांग्रेस को इसके लिए बीजेपी से लगभग 29 फीसदी अधिक का भुगतान करना पड़ा.
टीआरएसी और एड वांच (TRC & ad.watch) ने बताया कि 22 महीने में बीजेपी और उसके सहयोगियों ने अपने ऑफिशियल पेजों के जरिए फेसबुक पर विज्ञापन देने के लिए 10.41 करोड़ रुपये खर्च किए. वहीं, कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने फेसबुक पर विज्ञापन देने के लिए 6.44 करोड़ रुपये खर्च किए.