Milk Procurement Price Down 10% : महाराष्ट्र राज्य और उत्तरी भारत की कुछ प्रमुख डेयरियों ने दूध के खरीद मूल्य में भारी कटौती की है. इन डेयरियों ने दूध के खरीद मूल्य में 10 फीसदी की कमी की है. जैसा कि पिछले 15 दिनों के भीतर ये कीमतें कम हुई हैं लेकिन दूध की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है तो ग्राहकों को कीमतों में कटौती का लाभ नहीं मिलेगा.
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्राहकों को केवल ये राहत मिलेगी कि कुछ महीनों तक दूध की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी. कीमतें जस की तस रहेंगी.
बीते कुछ समय से, इंडियन डेयरी सेक्टर के एक सेक्शन की ओर से केंद्र सरकार को मिल्क प्रोडक्ट्स का आयात करने की मांग की जा रही थी. क्योंकि देश में दूध की कमी के कारण स्किम्ड मिल्क पाउडर (SMP) और व्हाइट बटर (white Butter) के दाम में बढ़ोतरी देखी गई थी. हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक पिछले दो सप्ताह के दौरान SMP और व्हाइट बटर की कीमत में 5-10 फीसदी की गिरावट आई है.
आधिकारिक रूप से, कीमतों में गिरावट के लिए कोई वजह नहीं बताई गई है. लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक, मौसम की गड़बड़ी और जमा किए गए स्टॉक को मार्केट के लिए ओपन करने की वजह से ये कीमतें कम हुई हैं. इसके साथ ही जैसा कि इस साल गर्मियां थोड़ी देरी से शुरू हुई थीं, इसलिए आइसक्रीम, दही और बटरमिल्क (Buttermilk) जैसे अन्य पेय पदार्थों की मांग अभी अपने चरम तक नहीं पहुंची है, जिससे मार्केट में इसका स्टॉक पड़ा हुआ है.
इंडियन डेयरी एसोसिएशन (Indian Dairy Association) के अध्यक्ष आरएस सोढ़ी ने कहा कि बेमौसम बारिश की वजह से गर्मी का सीजन देरी से शुरू हुआ. इस कारण आइसक्रीम, दही, बटरमिल्क, लस्सी और अन्य मिल्क बेस्ड बेवरेज (Milk based Beverages) की मांग अभी तक उस स्तर तक नहीं पहुंची है जितनी गर्मियों के सीजन में आमतौर पर होती है.