Karnal lathi charge case: करनाल लाठीचार्ज को लेकर किसानों के लागातार विरोध प्रदर्शन के बाद हरियाणा सरकार ने आखिरकार मामले की जांच के लिए आयोग (Enquiry Committee) का गठन किया है. बुधवार को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज सोमनाथ अग्रवाल को घटना की जांच के लिए नियुक्त किया गया है. इन्हें एक महीने के भीतर जांच कर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी.
सिविल सचिवालय में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में ये फैसला लिया गया. घटना के दिन करनाल (Karnal) में पैदा हुई परिस्थिति के साथ-साथ पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग जांच के मुख्य बिंदु होंगे. इसके अलावा करनाल के तत्कालीन एसडीएम आयुष सिन्हा (SDM Ayush Sinha) की लाठीचार्ज में भूमिका की भी जांच की जाएगी. फिलहाल आयुष सिन्हा को एक महीने की छुट्टी पर भेज दिया गया है.
बता दें कि 28 अगस्त 2021 को राज्य के शीर्ष बीजेपी नेता एक होटल में पार्टी की आंतरिक बैठक कर रहे थे. जिसके विरोध में होटल से करीब 15 किलोमीटर दूर बसताड़ा टोल प्लाजा पर भारी संख्या में किसान जुटे. जिनपर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कई किसान गंभीर रूप से घायल हुए. इसके बाद एसडीएम आयुष सिन्हा का वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वो पुलिसवालों से कह रहे थे कि किसानों का सिर फोड़ दो, इसी पर बवाल मच गया. तभी से किसान मामले की जांच को लेकर लगातार मांग और प्रदर्शन कर रहे हैं.