अब अगर आपका बैंक (Bank) डूब गया या बंद हो गया तो भी आपको 5 लाख रुपए (insurance) तक की रकम 3 महीने के अंदर मिल जाएगी. हाल के दिनों में PMC यानी पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक, लक्ष्मी विलास बैंक, येस बैंक और कई दूसरे सहकारी बैंकों के डूबने से परेशान ग्राहकों की वजह से सरकार ने कदम उठाया है. केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को लाइसेंस रद्द हुए बैंकों के ग्राहकों को ये बड़ी राहत दी. कैबिनेट ने डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन एक्ट (DICGC) संशोधन बिल को मंजूरी दे दी है.
इसके तहत बैंक के बंद होने या डूबने की स्थिति में ग्राहकों की 5 लाख रुपए तक की रकम सुरक्षित रहेगी. डिपॉजिटरों को 90 दिन के भीतर यह रकम मिल जाएगी, और इसके अंतर्गत 98.3 प्रतिशत बैंक खाताधारक पूरी तरह सुरक्षित हो जाएंगे. अभी तक ग्राहकों की बैंक में जमा एक लाख रुपए तक की रकम ही सुरक्षित होती थी. हालांकि, इस बिल को अभी संसद की मंजूरी मिलना बाकी है.
इसमें अहम ये है कि अगर उस बैंक में ग्राहक की डिपॉजिट रकम 5 लाख रुपए से ज्यादा है तब भी उसे अधिकतम 5 लाख तक ही मिलेंगे. इसके अलावा किसी ग्राहक के एक ही बैंक की कई ब्रांच में अकाउंट होने के स्थिति में भी अधिकतम 5 लाख तक की रकम ही सुरक्षित मानी जाएगी.