गर्मियों में धूप में निकलने से या तापमान के 30 डिग्री से पार कर जाने पर सनबर्न हो जाना एक आम समस्या है. ये तब होता है जब सूरज से निकलने वाली पराबैंगनी किरणों का सीधा असर हमारी स्किन पर पड़ता है.
ज्यादा सनबर्न हो जाने से स्किन पर लाल निशान पड़ जाते हैं और ये दर्दनाक हो जाता है और इसमें खुजली होती रहती है जो स्किन के लिए हानिकारक है. खराब हुई स्किन अपने आप ठीक तो हो जाती है लेकिन उसमें थोड़ा वक्त लग जाता है. हालांकि, उन डेड स्किन की परतों को खुद से हटाने का मन जरूर करता है लेकिन एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि आप ऐसा बिल्कुल भी ना करें.
यूके की नेशनल हेल्थ सर्विस के मुताबिक, सनबर्न वाली जगह को खरोचने या छीलने और फफोलों को फोड़ने से बचना चाहिए. धूप से झुलसी हुई स्किन पर टाइट-फिटिंग कपड़े ना पहनें. इसके बजाय स्किन को ठंडे पानी से धोकर ठंडा करें और खूब पानी पीएं. सनबर्न वाली स्किन को तबतक सीधे धूप से बचा कर रखें जबतक कि पूरी तरह से ठीक ना हो जाए.
स्किन के जल्दी ठीक होने के लिए उसपर आफ्टरसन या स्प्रे लगा सकते हैं लेकिन ध्यान रहे कि आप पेट्रोलियम या ऑयल बेस्ड क्रीम का इस्तेमाल ना करें, दर्द से राहत पाने के लिए आप केवल डॉक्टर की सिफारिश पर ही पेन किलर खाइये.
हालांकि, NHS का सुझाव है कि अगर स्किन में छाला या सूजन है, बॉ़डी टेम्परेचर अधिक है, आप बहुत थका हुआ महसूस करते हैं या आपको मांसपेशियों में ऐंठन या सिरदर्द हो तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
सीरियस सनबर्न से हीट स्ट्रोक और थकावट हो सकती है, इसीलिए कृप्या उन्हें हल्के में ना लें और उचित केयर करें