Janmashtami: एक मंदिर ऐसा जहां राधा-कृष्ण पहनते हैं 100 करोड़ के गहने !

Updated : Aug 30, 2021 15:41
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Editorji News Desk

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक 30 अगस्त 2021 को भगवान कृष्ण (Lord Krishna) का 5247वां जन्मोत्सव मनाया जा रहा है. यशोदा नंदन कान्हा के अवतरण दिवस पर देश के हर गांव-शहर में भक्तों का उत्साह चरम पर है...चाहे मथुरा का कृष्ण जन्मस्थान (Krishna birthplace) हो या फिर द्वारका का द्वारकाधीश मंदिर (Dwarkadhish Temple) सभी को भव्य तरीके से सजाया गया है...हालांकि इस खास मौके पर ग्वालियर का गोपाल मंदिर भी बेहद चर्चा में है क्योंकि यहां मुरलीधर को एक..दस या पचास करोड़ नहीं बल्कि पूरे 100 करोड़ रुपये के गहने (Jewelery worth Rs 100 crore) पहनाए जाते हैं...पूरे गहनों में माणिक, पन्ना, हीरे, सोने और चांदी की भरमार होती है. लिहाजा सुरक्षा के इंतजाम भी अभूतपूर्व होते हैं...आइए समझते हैं कैसे होता है ये पूरा श्रृंगार?

HEADER- 100 करोड़ के गहनों से राधा-कृष्ण का श्रृंगार !
सिंधिया राजवंश द्वारा गोपाल मंदिर का निर्माण किया गया था
सिंधिया घराने ने ही राधा-कृष्ण के लिए बेशकीमती गहने बनवाए थे
आजादी के बाद इन गहनों को बैंक के लॉकर में रखवा दिया गया था
साल 2011 में नगर निगम की पहल पर इन गहनों को लॉकर से निकाला गया
हर साल केवल जन्माष्टमी के दिन इन गहनों को भारी सुरक्षा में निकाला जाता है

HEADER- किन-किन गहनों से होता है श्रृंगार ?
सोने से बने हैं राधा-कृष्ण के लिए मुकुट, हीरे और पन्ने भी लगे हैं
कंगन और बांसुरी भी पूरी तरह से सोने के बने हैं
दोनों के गले में पहने जाने वाली माला भी सोने और हीरे की बनी है
थाली, प्याले, फूलदान और पायजेब पूरी तरह से चांदी से बने हैं

Lord KrishnaKrishna birthplace

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