ओडिशा का चिल्का झील इरावदी डॉल्फिन के लिए पूरे विश्व में मशूहर है. अच्छी खबर ये है कि इनकी संख्या में इजाफा हुआ है. विलुप्त हो रही प्रजातियों की लिस्ट में शामिल इरावदी डॉल्फिन के लिए चिल्का झील एक सुरक्षित पनाहगार के तौर पर उभरा है. बायोडायवर्सिटी को लेकर किए गए वार्षिक सर्वे में यह जानकारी मिली है. एक अधिकारी ने सर्वेक्षण के हवाले से बताया कि साल 2019 में यहां 150 डॉल्फिन के मुकाबले 2020 में इनकी संख्या बढ़कर 156 हो गई है. अब इस बढ़ोतरी को कायम रखने के लिये राज्य के वन विभाग के साथ मिलकर काम किया जा रहा है. झील में उन जगहों की पहचान भी की गई है जहां ये डॉल्फिन्स ज्यादातर रहती हैं, ताकि उनकी देखरेख के बेहतर इंतजाम किए जाएं जिनसे इनकी संख्या और बढ़े. इसके अलावा इनके संरक्षण के लिए झील में टूरिस्ट बोट चलाने वाल ड्राइवरों को खास ट्रेनिंग भी दी गई है, ताकि बोट की वजह से डॉल्फिन्स की मौत न हो. साथ ही झील से जुड़ी मगरमुख धारा को भी खोला गया है ताकि बाहरी जलाशय से डॉल्फिन्स आसानी से चिल्का झील में आ सकें.