गाजियाबाद में बुजुर्ग समद सैफी (Abdul Samad Saifi) की पिटाई और जबरन दाढ़ी काटने का मामला बढता ही जा रहा है. अब पीड़ित बुजुर्ग फिर से सामने आए हैं और पुलिस की पूरी थ्योरी को गलत बताया है. समद सैफी ने अपने घर बुलंदशहर में कहा कि ताबीज वाली बात झूठी है, वो कभी भी इसका काम नहीं करते. अब्दुल समद सैफी ने कहा कि मेरी कनपटी पर पिस्तौल (Pistol) लगाई गई, चार लोग थे, डंडे और बेल्ट से मुझे बहुत मारा, मैं उनको नहीं जानता था. उन्होंने कहा कि मुझसे 'जय श्रीराम' (Jai ShriRam) के नारे लगवाए, पानी मांगा तो मुझसे पेशाब पीने को कहा. इससे पहले समद सैफी के परिवार वाले भी ताबीज के कारोबार से इनकार कर चुके हैं.
इस बीच समद के साथ मारपीट करने के पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. गाजियाबाद ग्रामीम के एसपी, डॉ इराज राजा ने ये जानकारी देते हुए ये भी कहा कि शिकायतकर्ता की तरफ से कुछ गलत जानकारी उपलब्ध कराए जाने पर भी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने फिर कहा कि ये दो परिवारों की आपसी रंजिश का मामला है.