Jaipur के हाथीगांव में इन दिनों हाथी पालने वाले लोगों (Elephant owners) को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. दरअसल कोरोना के कारण पर्यटन सीमित है जिस वजह से इनके सामने गुजर बसर का संकट पैदा हो गया है. आम दिनों में ये लोग आमेर फोर्ट और दूसरे पर्यटक स्थलों पर सैलानियों को हाथी की सवारी करवा पैसे कमाते थे लेकिन अब इनके लिए अपना और हाथी का पेट पालना एक चुनौती बनता जा रहा है.
इन हाथी पालकों में से एक ने बताया कि एक हाथी की रोजाना ख़ुराक को पूरा करने के लिए 2500 से 3000 रुपये का खर्च आता है और स्थिति ये है कि वो अपने घर की चीजें बेच कर हाथियों के खाने की व्यवस्था कर रहे हैं. इन लोगों के मुताबिक जब तक अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें शुरू नहीं हो जाती तब तक इनकी आमदनी पर यूं ही ब्रेक लगा रहेगा.
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