कोरोना महामारी (covid 19 crisis) के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट से निपटने के लिए सरकार की नए नोट छापने (print more currency) की कोई योजना नहीं है. सोमवार को लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister) ने एक सवाल के जवाब में ये बात कही. उन्होंने कहा कि 2020-21 के दौरान भारत की GDP में 7.3 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान है. उन्होंने कहा कि विकास दर में कमी का अनुमान कोरोना और महामारी को रोकने के लिए की गई कोशिशों को दिखाती है.
दरअसल, कई अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों ने सरकार को सुझाव दिया है कि कोरोना के कारण तबाह हुई अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और नौकरियों की रक्षा करने के लिए अधिक नोटों की छपाई का सहारा लिया जा सकता है.