28 मार्च को फाल्गुन महीने की पूर्णिमा है. फाल्गुन महीना हिंदू पंचांग का आखिरी महीना होता है और इस महीने का आखिरी दिन पूर्णिमा ही होती है. हिंदु धर्म में इस दिन व्रत रखते हुए भगवान विष्णु की विशेष पूजा और सत्यनारायण व्रत कथा करने की परंपरा है. इस तिथि पर शाम को प्रदोष काल में होलिका दहन भी किया जाता है. विष्णुधार्मोत्तर पुराण के मुताबिक फाल्गुन महीने की पूर्णिमा पर व्रत करने से पाप खत्म होते हैं और उम्र भी बढ़ती है. ये पूर्णिमा वसंत पूर्णिमा भी कहलाती है. जब-जब ऋतुएं बदलती हैं तब-तब मानसिक और शारीरिक बदलाव भी होते हैं। जिससे शरीर में त्रिदोष बढ़ता है यानी वात, पित्त और कफ के असंतुलन से बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है. इससे बचने के लिए हिंदू कैलेंडर के आखिरी दिन यानी पूर्णिमा पर व्रत करने की परंपरा बनाई गई है. इस दिन व्रत करने से शरीर में हार्मोंन और दूसरी चीजों का संतुलन बना रहता है. इस कारण रोगों से लड़ने की ताकत और उम्र बढ़ती है.