EPF Two Accounts: अगर आपका एंप्लॉयी प्रॉविडेंट फंड यानि EPF में सालाना योगदान 2.5 लाख रुपये से ज्यादा है तो आपको फाइनेंशियल ईयर 2021-2022 से दो अलग PF अकाउंट रखने होंगे. सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज यानि CBDT ने एक नोटिफिकेशन जारी कर इस बारे में बताया है.
दरअसल इस वित्तीय वर्ष से PF में 2.5 लाख रुपये से अधिक के योगदान पर इंटरेस्ट को टैक्सेबल कर दिया गया है, जिस वजह से अब CBDT ने यह नया नियम बनाया है. इनमें से एक अकाउंट टैक्सेबल और एक नॉन-टैक्सेबल वाला होगा. टैक्स की देनदारी का कैलकुलेशन टैक्सेबल अकाउंट से विथड्रॉल को घटाने के बाद किया जाएगा. साथ ही ये भी कहा गया है कि अगर किसी व्यक्ति के अकाउंट में एंप्लॉयर का योगदान नहीं है तो उसके लिए यह लिमिट 5 लाख रुपये की होगी.
टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि CBDT ने बजट में की गई घोषणा की वजह से जो भ्रम की स्थिति बनी थी उसे दूर करने के लिए ऐसा किया है. बजट में यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि लिमिट से अधिक योगदान होने पर इंटरेस्ट पर टैक्स कैसे लगेगा. तो वहीं कई एक्सपर्ट्स ये भी मान रहे हैं कि इस नए नियम से यह संकेत मिल रहा है कि आने वाले सालों में PF पर मिलने वाला इंटरेस्ट पूरी तरह से टैक्सेबल हो सकता है.